चिंता करना कैसे बंद करें: चिंता और तनाव से मुक्त बनें

चिंता क्या है?चिंता क्यों होती है?चिंता के परिणाम क्या हैं?चिंता करना कैसे बंद करें? ज्ञानीपुरुष दादा भगवान द्वारा दिए गए इन सभी प्रश्नों के जवाब यहाँ पर रखें गए हैं।

चिंता से काम बिगड़ते हैं, यह कुदरत का कानून है। चिंतामुक्त रहने से काम अच्छी तरह से हो पाता है। संपन्न और समाज में महत्वपूर्ण व्यक्ति अत्याधिक चिंता और तनाव से ग्रस्त रहते हैं। मजदूरों को उतनी चिंता नहीं होती, वे आराम से सोते हैं जबकि उनके मालिकों को नींद की गोलियाँ लेनी पड़ती हैं। जो चिंता करते हैं, उनकी धन-संपति भी चली जाती है।

चिंता क्या है?सोचने में नुक़सान नहीं है लेकिन जब सोचने का सिलसिला हद से आगे बढ़ता है तब चिंता शुरू हो जाती है। जब ऐसा होने लगे तो सोचना बंद कर दें।

यदि यह पता चल जाए कि वास्तव में "कर्ता कौन" है तो चिंता बंद हो जाएगी.... चिंता से मुक्त होने के लिए पढ़ें.......

 

 

What are Worries

Worries are generated from ignorance and egoism. You can stop worrying by getting knowledge of your true self from Spiritual Master.

Spiritual Quotes

  1. चिंता तो एक प्रकार का अहंकार कहलाता है।
  2. जब चिंता होने लगे, तब समझना कि काम बिगड़नेवाला है और जब चिंता नहीं हो तो समझना काम अच्छा होगा।
  3. चिंता बंद हो, तभी से वीतराग भगवान का मोक्ष मार्ग कहलाता है।
  4. ऐसी परिस्थिति में सामना करना, उपाय करना, पर चिंता मत करना।
  5. प्राप्त को भुगतो, अप्राप्त की चिंता मत करो।' अर्थात क्या कि, 'जो प्राप्त है उसे भुगतो!
  6. विचार करने में हर्ज नहीं है। विचार करने का अधिकार है, कि भाई यहाँ तक विचार करना, और विचार जब चिंता में परिणित हो तो बंद कर देना चाहिए।
  7. आत्मज्ञान बगैर चिंता जाती नहीं है।
  8. अब सावधानी और चिंता में बहुत फर्क। सावधानी यह जागृति है और चिंता यानी जी जलाते रहना।
  9. जिसका उपाय नहीं, उसकी चिंता क्या? कोई भी बुद्धिमान समझेगा कि अब कोई उपाय नहीं रहा, इसलिए उसकी चिंता छोड़ देनी चाहिए।
  10. एक ही डिपार्टमेन्ट की उपाधि हो, उसे दूसरे डिपार्टमेन्ट में मत ले जाना। एक डिवीजन मेें जायें तो वहाँ जो हो वह सब कामपूर्णतया कर लेना।

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