सनातन सुख | खुद की पहचान | Self Realization In 2 Hours | self enlightenment
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आत्म साक्षात्कार पाएं और शाश्वत सुख का अनुभव करें सिर्फ दो ही धंटो में ! - अधिक जानकारी के लिए

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स्वागत है! आध्यात्मिक विज्ञान की दुनिया में

क्या आपने कभी सोचा है कि "मनुष्य जन्म का सही ध्येय (लक्ष्य) आखिर क्या है? क्या मैं केवल एक नाम हूँ या उससे परे भी मेरी कुछ पहचान और अस्तित्व है? क्या शाश्वत सुख और शांति का अनुभव कर पाना सचमुच संभव है?"

केवल यही नहीं पर ऐसे कई और मूल आध्यात्मिक एवं सांसारिक प्रश्नों के उत्तर परम पूज्य ए.एम.पटेल. यानी पूज्य दादा भगवान के द्वारा दिये गये हैं। उन्होंने कहा है कि आत्मा के परम सुख में निरंतर रहने के साथ ही इस संसार की भी सभी परिस्थितियों में समता रखी जा सकती है। "मैं कौन हूँ?" और  "दुनिया कैसे चलती है?" ये जानने के बाद (यानी आत्मज्ञान प्राप्ति के बाद) यह सब संभव है । 

किसी भी प्रकार की महेनत किए बगैर केवल दो घंटों में ही, ज्ञानी की कृपा से ज्ञानविधि द्वारा आत्म साक्षात्कार हो सकता है। इस अक्रम मार्ग से मिलनेवाले आत्मज्ञान से जीवन की सभी समस्याओं का निवारण किया जा सकता  है।

बहुत सारे लोगों ने इस शाश्वत सुख का अनुभव किया है ! आप भी आईए और ज्ञानविधि में शामिल होकर अपनी सही पहचान को जानिए ।

“ ‘मैं कौन हूँ और मैं क्या नहीं हूँ’ – ये जानकारी ही पूर्णज्ञान (आत्मज्ञान) है ”
– दादाश्री


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आगामी कार्यक्रम

Hindi Shibir in Adalaj, India

Fri, May 27 to May 31

Gandhinagar, India

आगामी ज्ञानविधि

Sun 29 May

16:00 - 19:30

Gandhinagar, India

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Spiritual Quote of the day

quote

शादी हुई, तभी से पत्नी को सुधारने की कोशिश करता है, लेकिन मरने तक दोनों ही नहीं सुधरते। इसके बजाय तो सब्ज़ी सुधारते तो सुधर जाती। इसलिए पत्नी को सुधारना नहीं चाहिए। वह आपको सुधारे तो अच्छा है, आपको तो सुधारना ही नहीं चाहिए।

~ दादाश्री
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