सनातन सुख | खुद की पहचान | Self Realization In 2 Hours | self enlightenment

आत्म साक्षात्कार पाएं और शाश्वत सुख का अनुभव करें सिर्फ दो ही धंटो में ! – अधिक जानकारी के लिए

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स्वागत है! आध्यात्मिक विज्ञान की दुनिया में

क्या आपने कभी सोचा है कि "मनुष्य जन्म का सही ध्येय (लक्ष्य) आखिर क्या है? क्या मैं केवल एक नाम हूँ या उससे परे भी मेरी कुछ पहचान और अस्तित्व है? क्या शाश्वत सुख और शांति का अनुभव कर पाना सचमुच संभव है?"

केवल यही नहीं पर ऐसे कई और मूल आध्यात्मिक एवं सांसारिक प्रश्नों के उत्तर परम पूज्य ए.एम.पटेल. यानी पूज्य दादा भगवान के द्वारा दिये गये हैं। उन्होंने कहा है कि आत्मा के परम सुख में निरंतर रहने के साथ ही इस संसार की भी सभी परिस्थितियों में समता रखी जा सकती है। "मैं कौन हूँ?" और  "दुनिया कैसे चलती है?" ये जानने के बाद (यानी आत्मज्ञान प्राप्ति के बाद) यह सब संभव है । 

किसी भी प्रकार की महेनत किए बगैर केवल दो घंटों में ही, ज्ञानी की कृपा से ज्ञानविधि द्वारा आत्म साक्षात्कार हो सकता है। इस अक्रम मार्ग से मिलनेवाले आत्मज्ञान से जीवन की सभी समस्याओं का निवारण किया जा सकता  है।

बहुत सारे लोगों ने इस शाश्वत सुख का अनुभव किया है ! आप भी आईए और ज्ञानविधि में शामिल होकर अपनी सही पहचान को जानिए ।

“ ‘मैं कौन हूँ और मैं क्या नहीं हूँ’ – ये जानकारी ही पूर्णज्ञान (आत्मज्ञान) है ”
– दादाश्री

    आगामी कार्यक्रम

    UK Shibir 2014

    Thu, Apr 17 to Apr 20

    Lowestoft, UK

    आगामी ज्ञानविधि

    Sat 26 Apr

    17:00 - 21:00

    Madrid, Spain

    लेटेस्ट अपडेट्स

    Spiritual Quote of the day

    quote

    जगत् में इतनी सारी चीज़ें हैं। उसे छोटे से छोटा, संक्षेप में कहें, तो क्या रहेगा? ‘आत्मा’ और ‘संयोग’। संयोगों, स्वभाव से वियोगी हैं। इसलिए आत्मा को ऐसा नहीं कहना पड़ता कि, ‘तुम जाओ।’

    ~ दादाश्री