Related Questions

क्या मैं चिंता रहित रहकर व्यापार कर सकता हूँ?

प्रश्नकर्ता : धंधे की चिंता होती है, बहुत अड़चनें आती है।

दादाश्री : चिंता होने लगे तो समझना कि कार्य अधिक बिगड़नेवाला है। चिंता नहीं हो तो समझना कि कार्य नहीं बिगड़ेगा। चिंता कार्य की अवरोधक है। चिंता से तो धंधे की मौत आती है। जो चढे़-उतरे उसी का नाम धंधा, पूरण-गलन है वह। जिसका पूरण हुआ उसका गलन हुए बिना रहेगा ही नहीं। इस पूरण-गलन में आपकी कोई मिल्कियत नहीं है। और जो आपकी मिल्कियत है, उसमें कुछ पूरण-गलन होता नहीं! ऐसा शुद्घ व्यवहार है! यह आपके घर में आपके बीवी-बच्चे सभी पाटनर्स हैं॒न?

प्रश्नकर्ता :सुख-दुःख के भोगवटेमें हैं।

दादाश्री :आप अपने बीवी-बच्चों के अभिभावक कहलाते हो। सिर्फ अभिभावक को ही चिंता क्यों करनी चाहिए? और घरवाले तो उल्टा कहते हैं कि आप हमारी चिंता मत करना। चिंता से कुछ बढ़ जाता है क्या?

प्रश्नकर्ता : नहीं बढ़ता।

दादाश्री : नहीं बढ़ता? तो फिर वह गलत व्यापार कौन करे? यदि चिंता से बढ़ जाता हो तो करना।

Related Questions
  1. चिंता क्या है? चिंता करने का मतलब (कारण)क्या है?
  2. चिंता क्यों ज्यादातर लोगो की बड़ी समस्या है ? चिंता और परेशानी के कारण क्या है ?
  3. तनाव क्या है?
  4. क्या मैं चिंता रहित रहकर व्यापार कर सकता हूँ?
  5. चिंता करना क्यों बंद करे? तनाव और चिंता के क्या प्रभाव है?
  6. किन प्रभावी तरीकों से चिंता करना रोक कर जीना शुरू किया जाये? चिंता कैसे न करें ?
  7. क्या मुझे भविष्य की चिंता करनी चाहिए ?
  8. वर्तमान में रहें। चिंता क्यों?
  9. मैं अपने जीवन में कुछ भी नियंत्रित क्यों नहीं कर सकता?
  10. चिंताओं से मुक्त कैसे हुआ जाए ? सरल है ! आत्मज्ञान पाये !
  11. मुझे इस बात की चिंता होती है कि लोग मुझे पसंद नहीं करते और मेरे बारे में क्या सोचते होंगे ? जब कोई मेरा अपमान करें तब मुझे क्या करना चाहिए?
  12. अगर मुझे नौकरी नहीं मिली, तो मे क्या करूँगा? मैं इसके लिए चिंतित हूँ |
  13. घर के बीमार सदस्य के लिए चिंता करना कैसे बंद करे?
  14. जब जीवनसाथी से धोखा मिल रहा हो, तो चिंता और संदेह से कैसे छुटकारा पाये ?
  15. जीवन में सब कुछ खो देने के डर से कैसे छुटकारा पाऊं ?
×
Share on