जीवन में शांति पाने के लिए प्रत्येक परिस्थिति में किस प्रकार से एडजस्ट एवरीव्हेर हो सकते है?

नीचे दर्शाई हुई सूची का उपयोग, लोग जीवनम में शांति पाने के लिए करते है :

  • नामस्मरण (नाम व मंत्र जप)
  • ध्यान
  • शांतिदायक मधुर संगीत सुनना
  • व्यायाम
  • जो हुआ उसे स्वीकार करो और भूल जाओ
  • प्राणायाम का अभ्यास
  • एकांत में रहने का प्रयास

और सूची में आगे और भी बहुत कुछ है …….

यदि जीवन में निरंतर शांति पाने के लिए कोई एक सरल उपाय मिल जाए तो ? यानि यह सीखना कि "एडजस्ट एवरीव्हेर कैसे हो सके।"

यह जीवन एडजस्टमेंट के अलावा और कुछ नहीं है। प्रत्येक जगह कैसे एडजस्ट किया जाए यह समझना बहुत आवश्यक है। यदि आप किसी जगह एडजस्ट नहीं होते तो, आखिर में यह जगत आपको बाध्य कर आपसे एडजस्टमेंट करवाएगा ही। फिर क्यों न हम अपनी इच्छा से ही एडजस्ट हो जाए ? उदाहरण के लिए अचानक बारिश होने पर, अपने छाते का उपयोग तो किया ही होगा। ऐसी परिस्थिति में आपने कभी प्रश्न ,तर्क व विरोध नहीं किया होगा। ऐसा क्यों ? क्योंकि आप जानते है ऐसा करने से कोई लाभ नहीं है।

एक सामान्य कहावत है , "परिवर्तन ही एकमात्र नित्य है।" लेकिन हम परिवर्तन को स्वीकार करने में निष्फल हो जाते है और विपरीत दिशा में जाकर अपनी सीमित शक्तियों का क्षय कर देते है ।

एडजस्ट एवरीव्हेर की सरल और अत्यधिक प्रभावशाली तकनीक आपके और आसपास के लोगो को शांति प्रदान कर सकती है। अधिक जानकारी के लिए आगे पढ़े……

Adjustments in Life

If you don't adjust in your life, adjust with people willingly then people will make you adjust forcingly. You have to take maximum adjustment with your spouse as you are with her for 24 hours.

Spiritual Quotes

  1. संसार में और कुछ नहीं आये तो हर्ज नहीं पर एडजस्ट होना तो आना ही चाहिए।
  2. सामनेवाला 'डिसएडजस्ट' (प्रतिकूल) होता रहे पर आप एडजस्ट होते रहें तो संसार सागर तैरकर पार उतर जाओगे। जिसे दूसरों को अनुकूल होना आया, उसे कोई दुःख ही नहीं रहेगा। 'एडजस्ट एवरीव्हेयर'!
  3. संसार का अर्थ ही समसरन मार्ग। इसलिए निरंतर परिवर्तन होता ही रहता है।
  4. प्रत्येक के साथ एडजस्टमेन्ट होना यही सब से बड़ा धर्म है।
  5. जमाने के अनुसार एडजस्टमेन्ट लेना होगा।
  6. जिसे 'एडजस्ट' होने की कला आ गई, वह दुनिया से 'मोक्ष' की ओर मुड़ गया।
  7. जितने एडजस्टमेन्ट लोगे, उतनी शक्तियाँ बढ़ेंगी और अशक्तियों का क्षय होगा।
  8. भूल सुधारेंगे तो 'एडजस्ट' होगा।
  9. व्यवहार निभाया किसे कहेंगे कि जो 'एडजस्ट एवरीव्हेयर' हुआ!
  10. ऐसा है न, कि व्यवहार में 'टॉप' की समझ के बिना कोई मोक्ष में गया ही नहीं है। कितना भी कीमती, बारह लाख का आत्मज्ञान हो मगर क्या व्यवहार छोडने वाला है? व्यवहार नहीं छोड़े तो आप क्या करेंगे?

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