• question-circle
  • quote-line-wt

अंधश्रद्धा

अंधश्रद्धा यानी अंधी श्रद्धा, गलत श्रद्धा। लौकिक जगत् में जो गलत मान्यताएँ प्रचलित हैं, इनमें सबसे भयंकर अंधापन लाने वाली अंधश्रद्धा है। सदियों से लोगों में ज्योतिष विद्या, शकुन-अपशकुन, माताजी का आना, काली विद्या, भूत-प्रेत और ओझा, पितृदोष, वास्तुशास्त्र तथा विभिन्न चमत्कारों को लेकर अंधश्रद्धा देखने को मिलती है।

पहले गाँवों में बहुत अंधश्रद्धा थी, लेकिन आजकल शहरों और विदेशों में भी अंधश्रद्धा का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। केवल अनपढ़ लोग ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े पढ़े-लिखे लोग भी गुप्त रूप से किसी न किसी अंधविश्वास में पड़े होते हैं। वे बाहर भले ही ऐसा दिखावा करते हैं कि वे आधुनिक विचारधारा वाले हैं और अंधश्रद्धा नहीं होनी चाहिए, लेकिन जब अपने जीवन में कठिन परिस्थिति आती है, तब वे खुद ही जाने-अनजाने अंधश्रद्धा में फंस जाते हैं।

जितना मनुष्य अंधश्रद्धा में उलझता जाता है, उतना ही वह सत्य से दूर होता जाता है। और जितना हम सत्य से दूर जाएँगे, उतना ही सुख हमसे दूर होता जाएगा। बिना समझे, लोगों की बातों में आकर, देखा-देखी में या फिर मुश्किल समय में आश्वासन खोजने के लिए मनुष्य अंधश्रद्धा के पीछे अपना समय और शक्ति बर्बाद कर देता है। जिस मान्यता के अनुसार कभी होता है और कभी नहीं भी होता है, ऐसी मान्यता में श्रद्धा कैसे रखी जा सकती है? वास्तविकता में तो अपने पुण्य कर्मों या पाप कर्मों के हिसाब से ही जीवन में सुख या दुःख आता है। कर्म के सिद्धांत को समझ लें तो अंधश्रद्धा दूर हो जाती है।

मनुष्य जीवन में अपनी भीतर की शक्तियों को प्रकट करनी है और जीवन में आने वाले कर्मों से राग-द्वेष किए बिना पार निकलना है। इसके बजाय, अंधश्रद्धा के कारण गलत मान्यताओं में पड़कर या झूठे आश्वासन लेकर मनुष्य अपनी डेवलप हो रही शक्तियों को खुद ही नष्ट कर देता है। सही समझ के अभाव में ही अंधश्रद्धा उत्पन्न होती है। यहाँ हमें ज्ञानी पुरुष परम पूज्य दादा भगवान से अलग-अलग अंधश्रद्धाओं से बाहर निकलने की सही समझ प्राप्त होती है।

क्या ग्रह हमें परेशान कर सकते है?

कुंडली, नक्षत्र, वगेरे सब ग्रह दशा से संबंधित वास्तविकता क्या है? हमारे जीवन में तकलीफे और दुःख लाने में यह ग्रह किस प्रकार कार्य करते है?

play
previous
next

Top Questions & Answers

  1. Q. ज्योतिष में विश्वास करना चाहिए या नहीं?

    A. विश्वभर में और खासकर भारत में, लोग आर्थिक, पारिवारिक या शारीरिक समस्याओं के समाधान के लिए, उसमें... Read More

  2. Q. क्या वास्तव में शकुन और अपशकुन होते हैं?

    A. शकुन-अपशकुन अर्थात् किसी भी कार्य के शुभ या अशुभ फल का पूर्व संकेत। दुनिया भर में शकुन और अपशकुन से... Read More

  3. Q. क्या माताजी का आना, मैली विद्या और भूत-प्रेत वास्तव में होते हैं?

    A. भारत के गाँवों में यदि सबसे अधिक अंधविश्वास कोई फैला हुआ है, तो वह माताजी के आने के बारे में है।... Read More

  4. Q. क्या वास्तव में पितृदोष होता है?

    A. भारत में लोग जीवन में कोई दुःख या परेशानी आने पर ज्योतिषी, ओझा और तांत्रिकों के पास जाते हैं। वे... Read More

  5. Q. क्या चमत्कार वास्तव में होता है?

    A. भारत जैसे देश में यदि कोई व्यक्ति हाथ से कुमकुम या राख निकाल दे, खाली हाथ से घड़ी निकाल कर दिखा... Read More

Spiritual Quotes

  1. जहाँ श्रद्धा है वहाँ याचना नहीं होती। यदि कोई भी लालच रखी जाए, तो वह अंधश्रद्धा है।
  2. कई लोगों को ध्यान करने पर सूर्य के प्रकाश जैसा प्रकाश ही प्रकाश दिखाई देता है, वह क्या है? वह चित्त चमत्कार है। चित्त की एकाग्रता होने से ऐसा सब होता है!
  3. जिसे चमत्कार नहीं करना है, वहाँ पर बहुत चमत्कार होते हैं!

Related Books

×
Share on