
अहिंसा जैसा कोई बल नहीं है और हिंसा जैसी कोई निर्बलता नहीं है। इस दुनिया में निर्बल कौन है? अहंकारी। इस दुनिया में सबल कौन है? निर्अहंकारी।
— परम पूज्य दादा भगवानहिंसा किसके प्रति करोगे? जीवमात्र में परमात्मा ही हैं! किसे दुःख दोगे?
— परम पूज्य दादा भगवानअहिंसा के साम्राज्य के बिना कभी भी ‘केवलज्ञान’ नहीं हो सकता। अहिंसा के बिना संपूर्ण जागृति नहीं आ सकती।
— परम पूज्य दादा भगवानवीतराग क्या कहते हैं? हिंसा के सामने अहिंसा रखोगे, तो सुख मिलेगा। हिंसा से कभी भी हिंसा बंद नहीं होगी। अहिंसा से हिंसा बंद होगी।
— परम पूज्य दादा भगवानअहिंसा किसे कहते हैं कि पूरी शक्ति होने के बावजूद भी यदि कोई उसे कुछ करे, तब भी वह उसके सामने कुछ भी नहीं करे!
— परम पूज्य दादा भगवानवीतराग कहते हैं कि हिंसा के सामने अहिंसा के हथियार का उपयोग करो। हिंसा को हिंसा से नहीं जीता जा सकता, वह तो अहिंसा से ही जीता जा सकता है।
— परम पूज्य दादा भगवानअपने अंदर यदि उच्च स्तर की अहिंसा होगी तो बाघ भी अपना हिंसक भाव भूल जाएगा।
— परम पूज्य दादा भगवानअहिंसा तो बहुत बड़ी चीज़ है। अहिंसा में अब्रह्मचर्य नहीं होता। अहिंसा में परिग्रह नहीं होता। अहिंसा में असत्य नहीं होता। अहिंसा में चोरी भी नहीं होती।
— परम पूज्य दादा भगवानजिसे मोक्ष में जाने की पक्की इच्छा है, उसे कहीं से भी मार्ग मिल जाएगा।
— परम पूज्य दादा भगवानsubscribe your email for our latest news and events
