सुखी विवाहित जीवन : विवाहित जीवन में होने वाले झगड़ों को सुलझाएँ

दो व्यक्तियों के मिलन का मतलब है दो अहंकारों का इकट्ठा होना। ऐसे में विवाहित जीवन में खड़ी हुई मुश्किलों को कैसे निपटाया जाए? हम लोगो में से कईयों को यह प्रश्न होता है कि सुखी विवाहित जीवन कैसे जीएँ?

"सुखी विवाहित जीवन" की पुस्तक में पूज्य दादाश्री ने पति-पत्नी के बीच होनेवाली बातचीत पर आधारित सभी प्रकार के सवालों के ज़वाब दिए हैं और यह बताया है कि सुखी विवाहित जीवन कैसे जीया जा सकता है। पूज्य दादाश्री भी विवाहित थे। परंतु जीवनभर दादाश्री का उनकी पत्नी के साथ कभी भी मतभेद नहीं हुआ। ज्ञान होने के बाद के तीस वर्षों में परम पूज्य दादाश्री से पति-पत्नी के बीच होने वाले घर्षण के समाधान के लिए हज़ारों प्रश्न पूछे गए थे। यह पुस्तक, उन में से ही कुछ प्रश्नो का संकलन है।

आप अपने विवाहित जीवन की सभी मुश्किलों का निराकरण कैसे करें और सुखी विवाहित जीवन कैसे बिताएँ, अक्रम विज्ञान में आप इसकी ज़रूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 

 

 

 

पति-पत्नी के व्यवहार दिव्य बनायें

विवाहित जीवन में छोटी गलतफहमियां कभी कभी बड़े टकराव में बदल जाती है| विवाहित जीवन में होने वाले समस्याओं के समाधान जान ने के लिए देखिये यह विडियो|

Spiritual Quotes

  1. मैं अपना मत छोड़ दूँ, तब कोई मतभेद नहीं रहेगा।
  2. ‘स्वामित्व और स्वामिनी’ इन शब्दों में ही इतनी गाढ़ आसक्ति भरी है न, और यदि ‘कम्पेनियन’ कहें। तो आसक्ति कम हो जाती है।
  3. जहाँ बहुत प्रेम आता है वहीं अरूचि होती है, यह मनुष्य स्वभाव है।
  4. तुम किसी को दुःख दोगे तब तुम्हें सारा जीवन दुःख भुगतना होगा।
  5. वाइफ के साथ उसकी पार्टनरशिप है, मालिकी नहीं है।
  6. स्वामी तो कैसा होना चाहिए? कभी भी स्त्री और संतानों को परेशानी नहीं होने दे, ऐसा हो। और स्त्री कैसी हो? कभी भी पति को परेशानी नहीं होने दे, उसीके विचारों में जीए।
  7. आप में क्लेश होगा न, तो बच्चों के जीवन पर असर पड़ेगा। बच्चों पर असर होता है। इसलिए क्लेश जाना चाहिए। क्लेश ंिमटे तभी घर के बच्चे भी सुधरते हैं। ये तो बच्चे भी सब बिगड़ गए हैं।
  8. अणहक्क के विषय जिन्होंने भोगे उन्हें तो भयंकर यातनाएँ भोगनी पड़ेंगी।
  9. इस काल में एक पत्नीव्रत को हम ब्रह्मचर्य कहते हैं। और तीर्थंकर भगवान के समय में जो ब्रह्मचर्य का फल मिलता था, वही फल प्राप्त होगा, उसकी हम गारन्टी देते हैं।
  10. ‘ज्ञानीपुरुष’ इस संसार जाल से निकलने का रास्ता दिखाते हैं, मोक्षमार्ग दिखाते हैं और सही राह पर ला देते हैं और हमें लगता है कि हम इस जंजाल में से मुक्त हुए!

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