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अरिहंत किसे कहते हैं?

प्रश्नकर्ता : 'नमो अरिहंताणं' यानी क्या? इसका अर्थ विस्तार से समझाइए।

दादाश्री : 'नमो अरिहंताणं।' अरि यानी दुश्मन और हंताणं यानी जिसने उनका हनन किया है, ऐसे अरिहंत भगवान को नमस्कार करता हूँ।

जिसने क्रोध-मान-माया-लोभ-राग-द्वेष रूपी सारे दुश्मनों का नाश किया है, वे अरिहंत कहलाते हैं। दुश्मनों का नाश करने से लेकर पूर्णाहुति होने तक अरिहंत कहलाते हैं। वे पूर्ण स्वरूप भगवान कहलाते हैं! वे अरिहंत भगवन् फिर चाहे किसी भी धर्म के हों, इस ब्रह्मांड में चाहे कहीं भी हों, उन्हें नमस्कार करता हूँ।

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