क्रोध को कैसे नियंत्रित करें?

कुछ लोगों को लगता है कि क्रोध किए बिना वे अपना काम नहीं करवा सकते। हम क्यों हमेशा बच्चों, पत्नी, कर्मचारियों,वेटर या दुकानदार वगैरह, जो लोग हम पर निर्भर हैं उन पर क्रोधित हो जाते हैं? क्या यह हमारी कमज़ोरी है या ताकत? क्या हमने कभी यह महसूस किया है कि जब वे हमारे क्रोध का शिकार बनते हैं , तब उनमें हमारे लिए कितनी बुरी भावनाएँ पैदा होती हैं? क्रोध वास्तव में क्या कारण है जो टाला न जा सके या परिणाम है, जो हमारी दैनिक समस्याओं से निपटने में असमर्थता के कारण उत्पन्न होता है?

क्रोध प्रबंधन पर उत्तर पाने के लिए दादाश्री के उदाहरण, पुस्तकें पढ़ें और वीडियो देखें।

इसके अलावा, अपने आत्मा को जानने के लिए ज्ञानविधि में अवश्य भाग लें। उससे आपको क्रोध से मुक्त होने में मदद मिलेगी।

 

क्रोध के उपाय

आप को कोई भी स्थिति में क्रोध आ सकता है पर, उसे पुन्ह ना दोहराने का निश्चय करते रहे तो धीरे - धीरे आप क्रोध के जोखिमों से मुक्ति पाओंगे| देखिये क्रोध के नियंत्रण पर विडियो|

Spiritual Quotes

  1. क्रोध तो गोला-बारूद है और गोला-बारूद होगी, वहाँ लश्कर लड़ेगा ही।
  2. कुछ सूझ नहीं पड़ने पर मनुष्य गुस्सा कर बैठता है। जिसे सूझ पड़े वह गुस्सा करेगा? गुस्सा करना यानी क्या? वह गुस्सा पहला इनाम किसे देगा? जहाँ निकलेगा वहाँ पहले खुद को जलायेगा, फिर दूसरे को जलायेगा।
  3. कमज़ोर को गुस्सा बहुत आता है। इसलिए जो गरम हो जाता है, उस पर तो दया आनी चाहिए कि इस बेचारे का क्रोध पर कुछ भी कंट्रोल नहीं है।
  4. मुँह से बोल दें, वही क्रोध कहलाये ऐसा नहीं है, भीतर कुढ़ता रहे वह भी क्रोध है।
  5. सहन करना वह तो डबल (दोहरा) क्रोध है। सहन करना यानी दबाते रहना। वह तो एक दिन स्प्रिंग उछले तब पता चलेगा।
  6. भगवान ने तो क्या कहा है कि तेरा क्रोध ऐसा है कि तेरे सगे मामा के साथ तू क्रोध करता है तो उसका मन तुझ से अलग हो जाता है, सारी जिन्दगीं के लिए अलग हो जाता है, तो तेरा क्रोध गलत है।
  7. मनुष्य जब इमोशनल होता है, तब कई जीव भीतर मर जाते हैं। क्रोध हुआ कि कितने ही छोटे छोटे जीव मर कर खतम हो जाते हैं और ऊपर से खुद दावा करता है कि, ''मैं तो अहिंसा धर्म का पालन करता हूँ ''
  8. क्रोध को बंद करने का उपाय खोजना मूर्खता है, क्योंकि क्रोध तो परिणाम है। जैसे आपने परीक्षा दी हो और रिज़ल्ट आया। अब मैं रिज़ल्ट को नष्ट करने का उपाय करूँ, उसके समान बात हुई। यह रिज़ल्ट आया वह किसका परिणाम है ? हमें उसमें बदलाव करने की आवश्यकता है।
  9. कोई हमारा नुक़सान या अपमान करे तो वह हमारे ही कर्म का फल है, सामनेवाला निमित्त है, ऐसी समझ फिट हो गई हो, तभी क्रोध जाएगा।
  10. क्रोधी के बजाय क्रोध न करनेवाले से लोग अधिक डरते हैं। क्या कारण होगा इसका? क्रोध बंद हो जाने पर प्रताप उत्पन्न होता है, ऐसा कुदरत का नियम है।
  11. यदि क्रोध में हिंसक भाव और ताँता, ये दो नहीं हों, तो मोक्ष मिल जाता है।

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