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मैं अपनी भावनाओं को कैसे व्यक्त करूँ?

हमें पहले अपना मत नहीं रखना चाहिए। सामनेवाले से पूछना कि इसके बारे में आप क्या कहना चाहते हैं? सामनेवाला अपनी बात पर अड़ा रहे, तो मैं अपनी बात छोड़ देता हूँ। हमें तो यही देखना है कि कैसे भी, सामनेवाले को दुःख न हो। अपना अभिप्राय सामनेवाले पर नहीं थोपना है। सामनेवाले का अभिप्राय आपको लेना चाहिए। हम तो सभी के अभिप्राय लेकर 'ज्ञानी' बने हैं। मैं अपना अभिप्राय किसी पर थोपने जाऊँ तो मैं ही कच्चा पड़ जाऊँगा? अपने अभिप्राय से किसीको दुःख नहीं होना चाहिए।

आपके 'रिवोल्यूशन' अठारह सौ के हों और सामनेवाले के छः सौ के हों और आप अपना अभिप्राय उस पर थोप दो, तो उसका 'इंजन' टूट जाएगा। उसके सारे 'गीयर' बदलने पड़ेंगे।

प्रश्नकर्ता : 'रिवोल्यूशन' यानी क्या?

दादाश्री : यह जो सोचने की स्पीड है, वह हर एक की अलग-अलग होती है। कुछ घटित हुआ हो तो मन एक मिनट में तो कितना ही दिखा देता है, उसके सारे पर्याय 'एट ए टाइम' दिखा देता हैं। इन बड़े-बड़े प्रेसिडन्टों के एक मिनट के बारह सौ 'रिवोल्यूशन' घूमते हैं और हमारे पाँच हजार हैं और भगवान महावीर के लाख 'रिवोल्यूशन' घूमते थे!

यह मतभेद होने का कारण क्या है? आपकी पत्नी के सौ 'रिवोल्यूशन' हों और आपके पाँच सौ 'रिवोल्यूशन' हों और आपको बीच में 'काउन्टर पुली' डालना नहीं आता, इसलिए चिनगारियाँ निकलती हैं और झगड़े होते हैं। अरे ! कभी-कभी तो 'इंजन' भी टूट जाता है। 'रिवोल्यूशन' समझे आप? आप इस मज़दूर से बात करो तो आपकी बात उस तक नहीं पहुँचती। उसके 'रिवोल्यूशन' पचास, और आपके पाँच सौ हैं। किसी के हज़ार होते हैं, किसी के बारह सौ होते हैं, जैसा जिसका डेवलपमेन्ट होगा, उसके अनुसार 'रिवोल्यूशन' होते हैं। बीच में 'काउन्टर पुली' डालोगे, तभी उस तक आपकी बात पहुँचेगी। 'काउन्टर पुली' यानी आपको बीच में पट्टा डालकर आपके रिवोल्यूशन घटाने पड़ेंगे। मैं हर एक मनुष्य के साथ 'काउन्टर पुली' डाल देता हूँ। सिर्फ अहंकार निकाल देने से ही काम होगा, ऐसा नहीं है। 'काउन्टर पुली' भी हर एक के साथ डालनी पड़ती है। इसी कारण मेरा किसी से मतभेद ही नहीं होता न! मैं जानता हूँ कि इस भाई के इतने ही 'रिवोल्युशन' हैं। इसलिए उसके अनुसार मैं 'काउन्टर पुली' ड़ाल दूँ। मेरा तो छोटे बच्चे के साथ भी बहुत जमता है। क्योंकि मैं उसके साथ चालीस रिवोल्यूशन लगाकर बात करता हूँ। इससे मेरी बात उस तक पहुँचती है, वर्ना वह 'मशीन' टूट जाएगी!

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