
चाय में चीनी को पीसकर नहीं डालना पड़ता। क्योंकि उसका स्वभाव ही है पानी में घुलना। उसी प्रकार आत्मा का स्वभाव है, ज्ञाता-द्रष्टा और परमानंदी। आत्मा खुद के गुणधर्मों में ही रहता है!
परम पूज्य दादा भगवानजो भगवान की ओर चेहरा घुमाए, उनकी ओर मुड़े, उसे आनंद और प्रकाश मिलता है। भगवान और कुछ भी नहीं करते।
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