
शरीर खाता है। खाने वाला ‘जानता’ नहीं है और ‘जानने’ वाला खाता नहीं है। जो क्रिया करता है, वह पर-तत्व और जानने वाला स्व-तत्व है! जो लूटता है और जो लुटाता है, वे दोनों अनात्मा हैं!
परम पूज्य दादा भगवानदुनिया में आत्मा ही नहीं बल्कि अनात्मा का भी एक भी परमाणु बढ़ता या घटता नहीं है। इतनी लड़ाईयाँ होती हैं, दंगे-फसाद होते हैं, इतने लोग मर जाते हैं फिर भी, एक भी परमाणु न तो बढ़ता है और न ही कम होता है। जगत् ‘जैसा था वैसा’ ही है। इसमें कोई परिवर्तन नहीं हो सकता।
परम पूज्य दादा भगवानजब ‘हम’ ज्ञान देते हैं, तब चित्त को शुद्ध कर देते हैं! पाप का नाश कर देते हैं और दिव्यचक्षु प्रदान करते हैं। हर तरह से उसके आत्मा और अनात्मा को अलग कर देते हैं!
परम पूज्य दादा भगवानमोक्ष कब प्राप्त कर सकते हैं? ‘फुल्ली डेवेलप’ हो जाने के बाद मोक्ष प्राप्त हो सकता है, जब आत्मा और अनात्मा का विवरण हो जाए और जब दोनों हमेशा के लिए जुदा हो जाएँ, तब!
परम पूज्य दादा भगवानsubscribe your email for our latest news and events
