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जीवन के मुश्किल समय से हताश होकर आत्महत्या करने का मन हो तब क्या करें?

जीवन में हम अच्छे और बुरे दो चक्रों से गुज़रते हैं, लेकिन कुछ लोग यह निष्कर्ष निकालते हैं कि जीवन सिर्फ़ दुःख भुगतने के लिए ही है। जब कुछ अच्छा होता है, तब हम आनंद-उल्लास में और संतुष्ट होते हैं। इसके विपरीत, जब हमारे साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तब हम दुःखी, डिप्रेस और हताश हो जाते हैं। यही डिप्रेशन अंत में इस हद तक पहुँच जाता है कि, उस दुःख से हमेशा के लिए मुक्त होने के लिए हम आत्महत्या करने की ओर प्रेरित होते हैं।

हम सभी की ऐसी इच्छा होती है कि, “बुरा” समय जल्दी से गुज़र जाए, लेकिन जब समय अच्छा होता है, तब हम उस समय का महत्व नहीं समझते। इसलिए मुश्किल समय में यह याद रखना बहुत महत्वपूर्ण है, कि यह मात्र एक संयोग है और कुदरत के नियम के अनुसार, यह मुश्किल संयोग भी उसका समय आने पर गुज़र जाएगा और उसके बाद अच्छा समय आएगा।

क्या जीवन का अंत लाने से हल आएगा?

क्या जीवन का अंत लाने से बुरा समय चला जाएगा? निश्चित रूप से नहीं। क्योंकि, अगले जन्म में आपको इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इसलिए, भलाई इसी में है कि हम वर्तमान में आई हुई दुःखद परिस्थितियों का सामना करें और इस मुश्किल समय से पार निकल जाएँ। जब हम यह सब समता से पार कर लेंगे, तब यह संयोग ही हमें मज़बूत बना देंगे।

मुश्किल समय में काम आने वाली उपयोगी चाबियाँ

  • मौन रहकर तकलीफ़ में न रहें- तुरंत ही मदद माँगे।
  • अपनी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
  • रोज़ के आहार में उचित डाइट का पालन करें। क्योंकि, हम जैसा आहार लेते हैं, वैसी ही असर हमारे विचारों पर पड़ती है।
  • पॉज़िटिव रहने से शक्ति बढ़ती है।
  • पॉज़िटिव लोगों के साथ रहें।
  • वर्तमान परिस्थिति को बदलने के लिए आप क्या कर सकते हैं, उस पर ध्यान केंद्रित करें।
  • परिस्थितियाँ चाहें जितनी भी ख़राब हों, लेकिन सुखी या दुःखी रहना, यह निर्णय हमारे हाथ में है।
  • खुद में आत्मविश्वास रखकर, उससे शक्ति प्राप्त करें।
  • हमें ख़ुशी हो ऐसे कार्य करें।
  • रोज़ की दिनचर्या में परिवर्तन लाकर वॉक करें या अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलें।
  • याद रखें, कि कुछ भी, कभी भी हमेशा के लिए नहीं रहता।
  • जिनकी स्थिति हमसे भी ज़्यादा ख़राब हो ऐसे लोगों को देखें। ऐसा करने से आपको दुःखों का सामना करने की शक्ति मिलेगी।
  • ज़रूरतमंदों की मदद करें। इससे आपको बहुत शांति मिलेगी।

पॉज़िटिविटी और नेगेटिविटी की असरें 

इस संसार में, सिर्फ़ ‘पॉज़िटिव’ ही आपको सुख देगा; ‘नेगेटिव’ आपको दुःख के अलावा कुछ भी नहीं देगा। पॉज़िटिव रहकर दुःखों का सामना करने के अलावा हम कुछ नहीं कर सकते। यह बुरा समय भी बीत जाएगा। जीवन में आने वाले हर एक संयोग परिवर्तनशील होते हैं; हमेशा के लिए नहीं होते।

इसलिए, हमें धीरज रखकर, वर्तमान संयोगों का सामना करने के लिए शक्ति मिलती रहे ऐसी प्रार्थना करनी चाहिए। लेकिन, कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। क्योंकि, यह मुश्किल समय भी एक दिन बीत जाएगा।

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