
चिंता सब से बड़ा अभिमान है इसलिए कुदरत उसे बहुत बड़ा दंड देती है। भगवान को गालियाँ देने वाले से भी ज़्यादा दंड चिंता करने वाले को मिलता है। जो काम कोई और करता है उसके लिए तू चिंता कर रहा है? क्या तू इस कुदरत से भी बड़ा है?
परम पूज्य दादा भगवानsubscribe your email for our latest news and events
