
आत्मा का अनंत ज्ञान, अनंत दर्शन और अनंत शक्ति आज भी उसी रूप में है। आत्मा कभी भी पापी हुआ ही नहीं। आत्मा संपूर्ण शुद्ध ही है।
परम पूज्य दादा भगवानदर्शन किसे कहते हैं? जो कैफ उतारे। जिससे किसी भी परिस्थिति में विचलित न हो, वह ‘ज्ञान’।
परम पूज्य दादा भगवानअंतिम समय आने पर कहेगा, ‘अब ज्ञानी आएँ और मुझे दर्शन हो जाएँ, दो घंटे का आयुष्य बढ़ा देना मेरा, हे भगवान!’ ऐसे याचना करता है। अब याचना मत कर। अब क्यों गिड़गिड़ा रहा है? जब सत्ता थी तब इस्तेमाल नहीं की। अब सत्ता नहीं है तो माँग रहा है!
परम पूज्य दादा भगवानकृष्ण भगवान की फोटो के दर्शन करने से वह ‘रिलेटिव’ को पहुँचता है। ‘यहाँ’ नमस्कार करते हैं, तो वह ‘डायरेक्ट’ उनके आत्मा को ही पहुँचता है। क्योंकि वीतराग स्वीकार नहीं करते हैं न? हमेशा ही जहाँ ‘रिलेटिव’ और ‘रियल’ दोनों दर्शन किए जाएँ, वहीं पर मोक्ष है।
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