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भगवान कहाँ हैं ? क्या भगवान का अस्तित्व है ? भगवान क्या करते हैं ?

तब इन फॉरेन  के सायंटिस्टों ने पूछा कि, 'तो भगवान नहीं है, क्या?' तब मैंने कहा, 'भगवान नहीं होते तो इस जगत में जो भावनाएँ है, सुख और दुःख का जो अनुभव होता है, उसका कोई अनुभव ही नहीं होता। इसलिए भगवान अवश्य हैं।' उन्होंने मुझसे पूछा कि, 'भगवान कहाँ रहते है ?' मैंने कहा, 'आपको कहाँ लगते हैं ?' तब वे कहें, 'ऊपर'। मैंने पूछा, 'वे ऊपर कहाँ रहते हैं ? उनकी गली का नंबर क्या॒? कौन सी गली, जानते हैं आप ? खत पहुँचे ऐसा सही एड्रेस  है आपके पास?' ऊपर तो कोई बाप भी नहीं है। सब जगह मैं घूम आया। सब लोग कहते थे कि ऊपर है, ऊपर उँगली उठाते रहे। इससे मेरे मन में हुआ कि सभी लोग बता रहें हैं, इसलिए कुछ होना चाहिए। इसलिए मैं ऊपर सब जगह तलाश कर आया तो ऊपर तो खाली आकाश ही है, ऊपर कोई नहीं मिला। ऊपर तो कोई रहता नहीं है। अब उन फोरिन के सायंटिस्टों ने मुझसे कहा कि, 'भगवान का सही एड्रेस बतायेंगे ?' मैंने कहा, 'लिख लीजिए। गॉड इज़ इन एवरी क्रियेचर, व्हेदर 'विज़िबल' और 'इनविज़िबल', नोट इन क्रियेशन।' (भगवान, आँखों से दिखाई देनेवाले या नहीं दिखाई देनेवाले, हर एक जीव में विद्यमान हैं, पर मानव निर्मित किसी चीज़ में नहीं।')

यह टेपरिकार्डर 'क्रियेशन' कहलाता है। जितनी मैनमेड (मानव निर्मित) वस्तुएँ हैं, मनुष्यों की बनाई हुई वस्तुएँ हैं, उनमें भगवान नहीं हैं। जो कुदरती रचना है, उसमें भगवान है।

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