Related Questions

भगवान के प्रति एकाग्रता को कैसे बढ़ाएँ?

जहाँ इन्टरेस्ट, वहीं एकाग्रता

प्रश्नकर्ता: दादा, मुझे भगवान में एकाग्रता नहीं रहती।

दादाश्री: आप सब्ज़ी लेने या साड़ी लेने जाती हो, उसमें एकाग्रता रहती है या नहीं?

प्रश्नकर्ता : हाँ, रहती है। मोह होता है इसलिए रहती है।

दादाश्री: भगवान में और मोक्ष में आपको इन्टरेस्ट ही नहीं, इसलिए उसमें एकाग्रता नहीं रहती।

अरे, एक स्त्री बहुत सुंदर थी और उसका पति एकदम साँवला था। उस स्त्री से मैंने एक दिन पूछा, ‘यह तेरा पति साँवला है, तो तेरा भाव उस पर संपूर्ण रहता है?’ तब उसने कहा कि, ‘मेरे पति मुझे बहुत प्रिय है।’ अब ऐसा साँवला पति उसे प्रिय है, पर भगवान आपको प्रिय नहीं लगते! यह भी एक आश्चर्य है न!

फिर ये पूछती हैं कि, मेरा मन एकाग्र क्यों नहीं हो पाता? सब्ज़ी लेने जाए, वहाँ एकाग्रता किस तरह हो जाती है? ये तो अनुभव की बातें हैं। यह कोई गप्प नहीं है। यह तो भगवान में इन्टरेस्ट ही नहीं, इसलिए एकाग्रता नहीं रहती। यह तो भगवान के प्रति आसक्ति हो जाएगी तो भगवान में एकाग्रता रहेगी।

जब तक पैसों में इन्टरेस्ट है तब तक पैसे-पैसे करता है और भगवान में इन्टरेस्ट आया तो पैसे का इन्टरेस्ट छूट जाएगा। यानी कि आपका इन्टरेस्ट बदलना चाहिए।

अब भगवान में इन्टरेस्ट नहीं है, तो उसमें आपका दोष नहीं है। जो वस्तु देखी नहीं हो, उसमें इन्टरेस्ट किस तरह आएगा? इस साड़ी को तो आप देखती हो, उसके रंगरूप देखते हैं इसलिए उसमें इन्टरेस्ट आएगा ही, लेकिन भगवान तो दिखते ही नहीं न? तब ऐसा कहा है कि, भगवान के प्रतिनिधि जैसे जो ‘ज्ञानीपुरुष’ हैं, वहाँ पर आपका इन्टरेस्ट रखो। वहाँ इन्टरेस्ट आएगा और उनमें इन्टरेस्ट आया, तो भगवान को पहुँच गया समझो।

जहाँ कषाय हैं, वहाँ इन्टरेस्ट रहे तो वे इन्टरेस्ट कषायिक होते हैं। वह कषायिक प्रतीति है। वह प्रतीति टूट जाती है बाद में, यानी राग से बैठती और द्वेष से छूटती है और भगवान के प्रतिनिधि में इन्टरेस्ट राग से नहीं आता। उनके पास राग करने जैसा कुछ होता ही नहीं न?

Related Questions
  1. भगवान कहाँ हैं ?
  2. क्या भगवान ने ये दुनिया बनाई हैं?
  3. क्या ब्रह्मा विष्णु महेश ने मिलकर ये दुनिया बनाई हैं?
  4. क्या भगवान के कोई गुण हैं?
  5. भगवान का प्रेम किस तरह प्राप्त किया जा सकता हैं?
  6. क्या भगवान की भक्ति और उनके प्रति हमारी श्रद्धा हमें मुक्ति दिलाएगी?
  7. क्या भगवान हमारे सारे पाप माफ़ कर देते हैं? और सच्चा सुख क्या है?
  8. भगवान के प्रति एकाग्रता को कैसे बढ़ाएँ?
  9. भगवान पद की प्राप्ति कैसे करें?
  10. क्या मूति॔-पूजा या दर्शन करना ज़रूरी है ?
  11. अंबा माता और दुर्गा माता कौन हैं?
  12. देवी सरस्वती क्या दर्शाती हैं?
  13. लक्ष्मीजी कहाँ रहती हैं? उनके क्या कायदे हैं?
  14. क्या भगवान ब्रह्मांड के मालिक हैं? हम जीवन में बंधन मुक्त कैसे हो सकते हैं? हमें मोक्ष कैसे मिलेगा?
×
Share on
Copy