रहे वर्तमान में

एक दिन में २४ घंटे, १४४० मिनट्स और  सेकन्ड्स होते हैं, तो क्या आप बता सकते हैं कि आज के दिन कितने मिनट्स या सेकन्ड् आप वर्तमान में रहें? ओ.के., क्या आप गारन्टी से कह सकते हैं कि आज के दिन की अधिकतर क्षण आपने जीई? यदि जवाब 'नहीं' है तो शायद यहीं से वर्तमान में जीने की शुरुआत हो रही है। क्योंकि आखिरकार आप जागरुक है इसके बारे में और यही जागरुकता आपको वतर्मान में रहने के लिए ज़रूरी है।

वास्तविक्ता यह है कि ज़्यादातर समय या तो हम भूतकाल के बारे में सोचते हैं या फिर भविष्य की चिंता करते हैं। साधारणतया हम यह नहीं देखते कि हमारे लिए वर्तमान क्षण कैसी है? क्योंकि हमारा फोकस भूत या तो भविष्य में रहते हुए ही खो जाता है। खाना खाते समय हम बिज़नेस डील के बारे में सोचते हैं या फिर आनेवाली एग्ज़ाम के बारे में। वैसे ही ड्राइविंग करते समय ज़्यादातर हम यही सोचते हैं कि ‘ऐसा क्यों हुआ?’ हम दुःखी और बैचेन क्यों हैं? इसका मुख्य कारण शायद यही है। तो फिर हम भूत या तो भविष्य में क्यों पड़े रहते हैं? हम इसमें से बाहर कैसे निकल सकते हैं?

वर्तमान में रहने का वास्तविक अर्थ क्या है? वर्तमान में रहकर हम कैसे खुश रह सकते हैं? भविष्य काल के विचार और भूतकाल की यादे जो आती रहती हैं उससे कैसे निपटें? इन प्रश्नों के वैज्ञानिक उत्तरों के अलावा वर्तमान में रहने के लिए कुछ आसान सी चाबियाँ ढूँढ निकालो, जो अक्रम मार्ग के ज्ञानीपुरुष परम पूज्य दादा भगवान द्वारा बताई गई हैं।

Live in The Present

When you remain in the present, you are always happy. After Self Realization, your awareness of the pure Soul will help you to always remain in the present.

Spiritual Quotes

  1. भूतकाल का भय छूट गया, भविष्य ‘व्यवस्थित’ के हाथों में है। इसलिए वर्तमान में रहो। 
  2. वर्तमान में कौन रह सकता है? ‘यस’ (हाँ) कहनेवाला।
  3. भूतकाल और भविष्यकाल का बहीखाता भगवान नहीं रखते। एक सेकन्ड बाद का बहीखाता समुद्र में डाल देना। जो वर्तमान में रहे, वही भगवान।
  4. यह नाटक जो सामने आया है उसे देखना है या पिछला याद करके देखना है? पिछला देखने जाएगा तो वर्तमान को खो बैठेगा । 
  5. वर्तमान में जो रहे वह ज्ञाता-द्रष्टा। वर्तमान में रहे उसका यहीं पर मोक्ष है! सदा वर्तमान में रहना, वही कहलाता है अमरपद। 
  6. वर्तमान बहुत सूक्ष्म वस्तु है। इस तरफ भूतकाल और उस तरफ भविष्यकाल, उन दोनों के बीच के सूक्ष्म भाग में वर्तमान है। उसे अज्ञानी पकड़ ही नहीं सकता, ‘ज्ञानी’ ही उसे पकड़ सकते हैं। 

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