आपसी संबंधों में होनेवाली समस्याएँ : बंद करें दोष निकालना

रिश्तों में प्रोब्लम्स क्यों होते हैं? संबंधों में होते टकरावों को कैसे टालें? घर में खुशी से कैसे रहें? घर में कैसे जीएँ, यह लोगों को पता नहीं है। घर में एक दूसरे की गलती नहीं निकालनी चाहिए। परम पूज्य दादाश्री कहते हैं, "आपको दुनिया नहीं जीतनी है, सिर्फ अपने परिवारवालों को जीतना है"

जब तक आप दूसरों के दोष देखते रहेंगे, तभी तक आपके लिए दुनिया में दुःख रहेंगे। जब पूरे जगत् को आप निर्दोष देखेंगे, तब आप मुक्ति का अनुभव करेंगे "

दूसरों के दोष देखना हम कैसे बंद करें? हम दोष मुक्त दृष्टि कैसे पाएँ? जिसे आत्मज्ञान प्राप्त नहीं हुआ है, उसे खुद के दोष कभी नहीं दिखते, बल्कि उन्हें दूसरों के ही दोष दिखते हैं।

आत्मज्ञान प्राप्त करके आप भी शांति और खुशी का अनुभव कर सकते हैं।

 

प्रेम

सच्चे प्रेम में कोई अपेक्षाए नही रहती, न ही उसमें एक दूसरे की गलतियाँ दिखती है|

Spiritual Quotes

  1. दुःख सब नासमझी का ही है इस जगत् में।
  2. टीका से आपकी ही शक्तियाँ व्यर्थ होती हैं।
  3. भूल कबूल की कि भाई, यह भूल मेरी हो गई है, तब से शक्ति बहुत बढ़ती जाती है।
  4. खुद का दोष दिखे, तब से समकित हुआ कहलाता है।
  5. भूल का स्वभाव कैसा है कि दिखें, वे चली जाती हैं
  6. जागृत हुए, इसलिए सब पता चलता है कि यहाँ भूल होती है, ऐसे भूल होती है। नहीं तो खुद को खुद की एक भी भूल मिले नहीं।
  7. तू ही तेरा ऊपरी, तेरा रक्षक भी तू और तेरा भक्षक भी तू ही। यू आर होल एन्ड सोल रिस्पोन्सिबल फॉर योर सेल्फ (आप ही अपने खुद के लिए संपूर्ण जिम्मेदार हो।) खुद ही खुद का ऊपरी है।
  8. इस दुनिया में आपको तब तक पीड़ा रहेगी, जब तक आप दुनिया के और दूसरों के दोष देखेंगे। जब आप दूसरों को और दुनिया में सबको निर्दोष देखेंगे, तब आपको मुक्ति मिलेगी।
  9. जिसने एक बार नक्की किया हो कि मुझमें जो भूलें रही हों उसे मिटा देनी है, वह परमात्मा हो सकता है!
  10. शुद्ध उपयोगी को कोई कर्म छूता नहीं है!

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