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विवाहित जीवन में होनेवाले क्लेश का समाधान कैसे करें? क्या मौन रहना एक समाधान है?

प्रश्नकर्ता: अबोला (मतभेद के कारण आपसी बातचीत बंद कर देना) रखकर बात टालने से उसका निपटारा हो सकता है?

दादाश्री: नहीं हो सकता। आपको तो सामने मिले तो ‘कैसे हो? कैसे नहीं?’ ऐसा कहना चाहिए। सामनेवाला ज़रा चीखे-चिल्लाए तब आपको धीरे से ‘समभाव से निकाल (निपटारा)’ करना है। उसका निकाल तो करना पड़ेगा न कभी न कभी? अबोला रखोगे... तो उससे क्या निकाल हो गया? निकाल नहीं हो पाता, इसीलिए तो अबोला खड़ा होता है। अबोला होने से जिस बात का निकाल नहीं हुआ उसका बोझ लगता है। हमें तो तुरंत उसे रोककर कहना है, ‘रुकिए, हमारी कुछ भूल हो तो बताइए। मुझसे बहुत भूलें होती हैं आप तो बहुत होशियार, पढ़े-लिखे हो, इसलिए आपसे नहीं होती, पर मैं कम पढ़ा-लिखा हूँ, इसलिए मुझ से बहुत भूलें होती हैं।’ ऐसा कहोगे तो वह खुश हो जाएगी।

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