Related Questions

बच्चों को उनकी गलतियाँ सुधारने के लिए कैसे डाँटना-डपटना चाहिए?

प्रश्नकर्ता : सुधरे हुए की परिभाषा क्या है?

दादाश्री : सामनेवाले मनुष्य को आप डाँट रहे हों तब भी उसे उसमें प्रेम दिखे। आप उलाहना दे, तब भी उसे आपमें प्रेम ही दिखे की अहोहो! मेरे फादर का मुझ पर कितना प्रेम है! उलाहना दो, परन्तु प्रेम से दो तो सुधरेंगे। ये कॉलेज में यदि प्रोफेसर उलाहना देने जाएँ तो प्रोफेसरों को सब मारेंगे।

सामनेवाला सुधरे, उसके लिए हमारे प्रयत्न रहने चाहिए। पर यदि प्रयत्न रिएक्शनरी हों, वैसे प्रयत्नो में नहीं पड़ना चाहिए। हम उसे झिड़कें और उसे खराब लगे वह प्रयत्न नहीं कहलाता। प्रयत्न अंदर करने चाहिए, सूक्ष्म प्रकार से! स्थूल तरह से यदि हमें नहीं करना आता हो तो सूक्ष्म प्रकार से प्रयत्न करने चाहिए। अधिक उलाहना नहीं देना हो तो थोड़े में ही कह देना चाहिए कि हमें यह शोभा नहीं देता है। बस इतना ही कहकर बंद रखना चाहिए। कहना तो पड़ता है पर कहने का तरीका होता है।

Related Questions
  1. वास्तव में दुःख क्या है?
  2. बच्चों को कैसे सँभालें?
  3. शब्दों से बच्चों को दुःख होता है, तो बच्चों के साथ कैसे व्यवहार करें?
  4. बच्चों को उनकी गलतियाँ सुधारने के लिए कैसे डाँटना-डपटना चाहिए?
  5. मेरा बीवी के साथ बहुत ज़ोरदार झगड़ा हो गया है- इसमें किसकी गलती है?
  6. सामनेवाला झगड़ा करने आए, तब मुझे क्या करना चाहिए?
  7. पुरुष और स्त्री के बीच होनेवाले झगड़ों का अंतिम समाधान क्या है?
  8. टकराव कैसे हल कर सकते हैं?
  9. टेढ़ी पत्नी/पति के साथ कैसा व्यवहार करें?
  10. टकराव को हल करने में ‘सही इरादे’ का क्या महत्व है?
  11. जीवन का ध्येय क्या होना चाहिए
  12. आदर्श व्यापार क्या है और इसकी सीमा क्या होनी चाहिए ?
  13. व्यापार के खतरों को ध्यान में रखें, लेकिन डर ना रखें।
  14. आज यदि कोई व्यक्ति ईमानदारी से बिज़नेस करना चाहे तो बिज़नेस में नुकसान होता है, ऐसा क्यों ?
  15. मुझे अपने बिज़नेस को लेकर बहुत चिंता होती है। यह चिंता कैसे बंद हो ?
  16. कोई ग्राहक नहीं है, कोई बिज़नेस नहीं है, मैं क्या करूँ ?
  17. हमारे पास बहुत सारा पैसा है, लेकिन घर में शांति नहीं है ?
  18. उधार चुकाने की शुद्ध भावना रखें।
  19. सत्ता का दुरुपयोग कितना खतरनाक है ?
  20. अपने मातहत का रक्षण क्यों करना चाहिए ?
×
Share on
Copy