सुखी विवाहित जीवन : विवाहित जीवन में होने वाले झगड़ों को सुलझाएँ

दो व्यक्तियों के मिलन का मतलब है दो अहंकारों का इकट्ठा होना। ऐसे में विवाहित जीवन में खड़ी हुई मुश्किलों को कैसे निपटाया जाए? हम लोगो में से कईयों को... Read More

टीनेजर्स की परवरिश : मात-पिता और बच्चों का रिश्ता

माता-पिता और बच्चों का संबंध अनादि काल से है। माता-पिता और बच्चों के संबंध को आदर्श बनाने के प्रयत्न आपको हर कहीं देखने को मिलते हैं। किशोर बच्चों... Read More

जीवन में टकराव टालने के लिए जानें

इस जीवन का लक्ष्य क्या है? हर कोई अपना जीवन जीते हैं, लेकिन सच्चा जीवन वही है जो क्लेशमुक्त हो। पति-पत्नी के बीच प्यार होने के बावजूद, दोनों के बीच... Read More

प्रतिक्रमण : रिश्तों की समस्याओं के समाधान

क्या जीवन में से ईर्ष्या, संदेह, क्रोध, घृणा और अभाव को सफलतापूर्वक दूर करने का कोई तरीका है? अपने जीवन में से टकराव को कैसे दूर कर सकते हैं? अपने... Read More

टकराव टालो : घर्षण मुक्त जीवन के लिए

टकराव जीवन की एक हक़ीक़त है। इच्छा नहीं होने के बावजूद भी हम किसी के साथ टकराव में आ जाते हैं और दूसरों के दोष देखते हैं। ऐसा क्यों? इसका कारण जीवन... Read More

आपसी संबंधों में एक-दूसरे पर होनेवाले क्रोध पर कैसे काबू पाएँ?

जीवन में किसी न किसी कारण से क्रोध हो जाता है। आपने कभी क्रोध के बारे में गंभीरता से सोचा है? क्रोध क्या है? क्रोध क्यों आता है और उसके परिणाम क्या... Read More

आपसी संबंधों में होनेवाली समस्याएँ : बंद करें दोष निकालना

रिश्तों में प्रोब्लम्स क्यों होते हैं? संबंधों में होते टकरावों को कैसे टालें? घर में खुशी से कैसे रहें? घर में कैसे जीएँ, यह लोगों को पता नहीं है।... Read More

हर जगह एडजस्ट हो जाएँ : सुख की मुख्य चाबी

जीवन में सिर्फ एक ही चीज़ अपरिवर्तनशील है,और वह है  परिवर्तन। आश्चर्य की बात यह है कि लोग इसका विरोध करते हैं। अगर परिवर्तन स्थायी है तो क्या हमें... Read More

रिश्तों में सच्चा प्रेम

सच्चाप्रेम हो तो पूरी ज़िंदगी कोई अपनी पत्नी या बच्चों की गलतियाँ नहीं देखेगा।प्रेममें कोई कभी भी किसी की गलतियाँ नहीं देखता। ज़रा देखिए लोग कैसे एक... Read More

मृत्यु और मानव-संबंध : समाधि मरण

जब किसी का प्रिय स्वजन मृत्युशैय्या पर हो, तब उसे क्या करना चाहिए? अपने स्वजन की मृत्यु के बाद हमें क्या करना चाहिए। कौन सी समझ रखकर हम शांत और... Read More

रिश्तों में शब्दों का प्रभाव : हानिकारक शब्दों को टालिए

सांसारिक जीवन में अध्यात्म कभी आया ही नहीं है। दोनों को अलग ही रखा गया है। यहाँ पर अक्रम विज्ञान ने अध्यात्म को सांसारिक जीवन के केन्द्र में रख दिया... Read More

गुरु शिष्य : गुरु शिष्य संबंध

सांसारिक जीवन में पिता-पुत्र, माता-पुत्र या पुत्री, पति-पत्नी वगैरह के संबंध हैं। इसके अलावा संसार में गुरु-शिष्य का संबंध भी है। यह एक ऐसा संबंध है... Read More

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