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पैसों का योग्य उपयोग कैसे करें?

प्रश्नकर्ता : पर मानो कि किसी के पुण्य कर्म से उसके पास लाखों रुपये हो जाएँ, तो उसे गरीबों में बाँट देना या फिर खुद ही उपयोग करना?

दादाश्री : नहीं, वे पैसे घर के लोगों को दुःख नहीं हो, उस तरह खर्च करने चाहिए। घर के लोगों से पूछना कि 'भैया, तुम्हें अड़चन नहीं है न?' तब वे कहें, 'नहीं, नहीं है।' तो वह लिमिट उसकी, पैसे खर्च करने की। इसलिए फिर हमें उसके अनुसार करना चाहिए।

प्रश्नकर्ता : सन्मार्ग पर तो खर्च करना है न?

दादाश्री : फिर, बाकी सारे सन्मार्ग पर ही खर्च करने चाहिए। घर में खर्च होंगे, वे सारे गटर में ही जाएँगे। और अन्यत्र जो खर्च होंगे, वे आपके खुद के लिए ही सेफसाईड हो गई। हाँ, यहाँ से साथ में ले जाए नहीं जाते, पर दूसरे रास्ते सेफसाईड की जा सकती है।

प्रश्नकर्ता : पर वैसे तो वह साथ में ही ले गए, जैसा कहलाता है न?

दादाश्री : हाँ, साथ में ले जाने जैसा ही, अपनी सेफसाईडवाला। यानी किसी भी राह दूसरों को कुछ भी सुख मिले, उसके लिए खर्च करने चाहिए। वह सब आपकी सेफसाईड है।

प्रश्नकर्ता : लक्ष्मी का सदुपयोग किसे कहते हैं?

दादाश्री : लोगों के उपयोग के लिए या भगवान के लिए खर्चो, वह सदुपयोग कहलाता है।

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